उर्स अजमेर शरीफ 2025 की तारीख - आस्था का एक वैश्विक संगम Urs Ajmer Sharif
- Syed F N Chisty
- Oct 23, 2024
- 2 min read
Updated: Oct 25
उर्स अजमेर शरीफ 2025: भारत में अजमेर उर्स की आधिकारिक तिथियाँ और समय Ajmer Sharif Urs 2025
उर्स अजमेर शरीफ 2025 की तारीख जो 27 दिसंबर 2024 से शुरू हो रही हैं, आप सभी हमारे इस ब्लॉग मैं ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स मुबारक के हमेशा अपडेट हासिल करे । उर्स ख्वाजा गरीब नवाज़ हर साल यह आयोजन दुनियाभर से लोगों को खींचता है, ताकि वे हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ (र.अ) की दरगाह पर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। और अपनी अकीदत मूहोबब्त के नजराने पेश करसके । If you’re searching for the official Ajmer Sharif Dargah contact number, simply reach us at Contact Ajmer Sharif or call +918529671277 for guidance.
अजमेर उर्स मुबारक कार्यक्रम:
झंडा चढ़ाने की रस्म: उर्स की शुरुआत 27 दिसंबर 2024 को बोहोत ही आदब के साथ और अकीदत के साथ होती है।
जन्नती दरवाजा खोलना: 2 जनवरी 2025 को जन्नती दरवाजा खोला जाएगा।
छट्टी शरीफ फातिहा और दुआ: 8 जनवरी 2025 को छट्टी शरीफ के मौके पर दुआ और फातिहा की रस्म अदा की जाएगी।
दरगाह ख्वाजा गरीब नवाज़ उर्स मे नमाज़-ए-जुमा: 10 जनवरी 2025 को जुमा की नमाज़ पढ़ी जाएगी।
दरगाह में एक आध्यात्मिक परिवर्तन: उर्स के दौरान, दरगाह में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक माहौल होता है। 1 रजब से 6 रजब तक बुलंद दरवाजा प्रमुख आकर्षण होता है, जब परचम खुशायी के साथ उर्स की शुरुआत होती है।
भक्ति का गहरा वातावरण: 1 रजब से 6 रजब तक, मज़ार-ए-अकदस का दरवाजा दिन-रात खुला रहता है, सिवाय तीन घंटे के लिए जब इसे अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। इस समय के दौरान, दुनिया भर के श्रद्धालु आस्था और प्रेम में डूब जाते हैं।
छट्टी शरीफ का चरम: छट्टी शरीफ उर्स का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन विशेष दुआएँ, कुरान की तिलावत और दरूद शरीफ पढ़े जाते हैं। साथ ही शिजरा ए आलिया चिश्तिया का वाचन होता है।
आस्था का वैश्विक केंद्र: यह उर्स दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जो दरगाह पर नियाज़ अर्पित करते हैं और अपनी श्रद्धा से भेंट भेजते हैं।
सूचित रहें: उर्स 2025 के इस महोत्सव का अनुभव पाने के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहे। हमारे कार्यक्रमों और आयोजनों के बारे में अपडेट रहने के लिए हमें व्हाट्सएप पर जुड़ें।
हज़रत ख्वाजा मॉइनूद्दीन चिश्ती (रअ) के खिदमत गार सय्यद खानदान के लोग सारी रस्मों को अंजाम देते हैं सरकार गरीब नवाज़ के जीतने भी खादिम हजरात हैं वो सब 356 दिन खिदमत करते हैं इनके अलावा और कोई नहीं कर सकता ये हज़रत ख्वाजा मॉइनूद्दीन चिश्ती रअ के खादिम हजरात का हक और खुशनसीबी है




